- मानसून सत्र का समापन: मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, विकास और जनकल्याण पर दिया विशेष जोर
- VIDEO: इंस्टाग्राम दोस्ती से शुरू हुआ हनीट्रैप का खेल, बेटे को छुड़ाने पिता पहुंचे; अश्लील वीडियो बनाकर 26 लाख की फिरौती मांगने वाले गिरोह का खुलासा
- महाकाल की पहली सवारी को लेकर प्रशासन की तैयारी तेज, 30 जुलाई तक पूरे होंगे मार्ग विकास कार्य
- महाकाल की भस्म आरती में पहुंचीं टीवी एक्ट्रेस रूपाली गांगुली, नंदी हॉल में बैठकर किए बाबा के दर्शन, बोलीं- महाकाल की कृपा से हूं यहां तक
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 23-07-2026
होटलों में ठहरने वालों की जानकारी हुई
संचालकों को रोजाना रजिस्टर लेकर नहीं जाना होगा थाने, पुलिस ने दी सुविधा…
शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित होटल, लॉज, धर्मशाला संचालकों को पूर्व में उनके यहां ठहरने वालों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करने के बाद प्रतिदिन थाने पहुंचकर नोट कराना होती थी। इस व्यवस्था में परिवर्तन कर पुलिस ने होटल संचालकों की सुविधा के लिये ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है।
महाकाल, खाराकुआं, नीलगंगा, नानाखेड़ा, माधव नगर, चिमनगंज आदि थाना क्षेत्रों में सैकड़ों की संख्या में होटल, लॉज, धर्मशाला, जमातखाना आदि संचालित होते हैं जिनमें प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में यात्री ठहरते हैं। पहले उक्त लोगों को अपने यहां ठहरने वाले यात्रियों की जानकारी रजिस्टर में संधारित करने के बाद प्रतिदिन थाने में नोटिंग कराना होती थी। जिन क्षेत्रों में होटल, लॉज, धर्मशालाओं की संख्या अधिक है वहां थाने के एक जवान को अलग से इसी कार्य में लगाया जाता था।
इस व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए पुलिस ने अब थाने के नाम से ईमेल अकाउंट तैयार किया गया है। अब होटल, लॉज, धर्मशाला, जमातखाना संचालक रजिस्टर में दर्ज यात्रियों की जानकारी का फोटो खींचकर ईमेल अकाउंट पर अपलोड किया जा सकता है। पुलिस द्वारा दी गई इस सुविधा का लाभ उक्त लोगों को यह होगा कि उन्हें प्रतिदिन थाने नहीं जाना होगा। साथ ही थाने में अलग से किसी जवान की ड्यूटी लगाने अथवा रिकार्ड संधारित करने की आवश्यकता नहीं होगी।
पहले बनती थी अलग फाइल
जिन थाना क्षेत्रों में होटल, लॉज, धर्मशाला, जमातखाना आदि संचालित होते हैं, वहां प्रतिदिन की जानकारी एकत्रित करने के लिये अलग से फाइल बनाई जाती थी और प्रतिदिन आने वाले कागजों को पुलिस को जमाकर रखना होता था, लेकिन अब ईमेल अकाउंट पर जानकारी आने के बाद पुलिस को अलग से कोई फाइल भी नहीं बनानी होगी। सारा रिकॉर्ड ईमेल अकाउंट पर अपलोड रहेगा।
अभी प्रायोगिक तौर पर
ई-मेल से जानकारी भेजने की सुविधा महाकाल थाना क्षेत्र में शुरू कर दी गई है। यह प्रायोगिक तौर पर सुविधा है। यदि किसी को परेशानी नहीं है तो इसे अन्य थानों पर शुरू किया जाएगा।